हाय मेरी जिंदगी


जिसकी बाहों में सोने को तरसते हैं हम,
वो किसी और की बांहों में उम्र भर सोएगी
आज तो सिसक सिसक के रो रहें हैं हम,
देखना हे ख़ुदा वो भी कभी रात भर रोएगी

✍️- सन्दीप शाश्वत

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