तराना

तुम्हारी याद आती है तो हम सोना भूल जाते हैं
तुम जब साथ होती हो तो हम रोना भूल जाते हैं
लिखते तो हम हर रोज हैं कुछ प्यार के नगमें,
मगर तुमसे जब बात होती है तो गाना भूल जाते हैं


✍️ सन्दीप शाश्वत




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